यात्रियों को अब महंगा पानी खरीदने से मिलेगी राहत
बिलासपुर|छत्तीसगढ़ के रेलयात्रियों के लिए राहत की खबर है. जहां गर्मी के मौसम में एक बार फिर उन्हें ‘रेल नीर’ की सुविधा मिलने जा रही है. जहां IRCTC बिलासपुर के सिरगिट्टी स्थित रेल नीर प्लांट को इसी महीने दोबारा शुरू करने जा रहा है|
फिर शुरू होगा ‘रेल नीर’ प्लांट
पिछले डेढ़ साल से बंद पड़े इस प्लांट के चालू होने से यात्रियों को फिर से मात्र 14 रुपए में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा. अब तक छत्तीसगढ़ के स्टेशनों पर पानी की सप्लाई नागपुर स्थित रेल नीर प्लांट से की जा रही थी|
नागपुर प्लांट बंद होने के बाद बढ़ी परेशानी
नागपुर प्लांट की क्षमता रोजाना 6,000 पेटी उत्पादन की है, लेकिन गर्मी के कारण वहां पानी की मांग अत्यधिक बढ़ गई है. स्थिति को देखते हुए नागपुर प्लांट ने स्पष्ट कर दिया है कि 14 अप्रैल के बाद वह छत्तीसगढ़ में पानी की सप्लाई नहीं कर पाएगा, क्योंकि उसे अपने मंडल की जरूरतों को प्राथमिकता देनी है|
बिलासपुर प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 72 हजार बोतल है. इसके पुनः चालू होने से न केवल छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ जैसे स्टेशनों, बल्कि रांची, टाटानगर और धनबाद जैसे पड़ोसी राज्यों के स्टेशनों तक भी किफायती दर पर शुद्ध जल की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी|
निजी कंपनियों को फायदा
वहीं ऐसे मौके में रेल नीर की अनुपलब्धता का सीधा लाभ वर्तमान में निजी कंपनियों को मिल रहा है. आपूर्ति ठप होने के बाद रेलवे ने यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए किनले, शिवनाथ, शिवा, ओटू-ड्रॉप्स और ब्लू जैसी पांच निजी कंपनियों से अनुबंध किया है. हालांकि, रेलवे ने इन कंपनियों को रेल नीर की कीमत (14 रुपए) पर ही पानी बेचने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है|

3 साल बाद आया दुर्लभ संयोग! पुरुषोत्तमी एकादशी का महत्व
राशिफल 25 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सर्वमंगला पुल सड़क का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ
प्रदेश व्यापी ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026-27 हुई ऑनलाइन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को मिली कानूनी और प्रशासनिक मजबूती
हाइवे पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया नेक्स्ट जेन डायल-112 सेवा का किया औचक परीक्षण
मंत्री विश्वास सारंग ने किया करोड़ों की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रदाय से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश
पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन