पूजा कक्ष में दिख जाए भूरी या काली छिपकली तो क्या हैं गुप्त संकेत? भूलकर भी ना करें नजरअंदाज, माता लक्ष्मी देती हैं ये इशारा
घरों में छिपकलियों का होना आम बात है. छिपकलियों में भूरी छिपकलियां ज्यादा पाई जाती हैं, जबकि काली छिपकलियां कभी-कभार ही दिखाई देती हैं. छिपकलियों के बारे में वास्तु और शकुन शास्त्र में विभिन्न व्याख्याएं हैं. कुछ लोग भूरी छिपकलियों को शुभ मानते हैं, जबकि काली छिपकलियों को अशुभ संकेत माना जाता है. लोगों के मन में कई सवाल होते हैं कि छिपकलियां घरों में क्यों आती हैं, वे क्या संकेत देती हैं और उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए कैसे भगाया जा सकता है. वहीं ज्योतिष में भूरी और काली छिपकलियों से जुड़े गुप्त संकेत के बारे में भी जानें…
छिपकली की वास्तु शास्त्र में भूमिका
वास्तु शास्त्र में भूरी छिपकली को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है. बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बातचीत में बताया कि यह छोटे कीड़ों को खाकर घर को शुद्ध करती है. हालांकि, काली छिपकलियों को अशुभ माना जाता है. काली छिपकलियां अक्सर गंदगी वाले क्षेत्रों में या उन घरों में पाई जाती हैं जहां लोग लंबे समय से नहीं रह रहे हों. इसलिए, घर को साफ रखना बहुत जरूरी है, ताकि घर में काली छिपकलियों का आगमन ना हो सके.
छिपकली भगाने के उपाय
अगर आपको अपने घर में काली छिपकली दिखाई दे तो महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य सलाह देते हैं कि उसे ना मारें. उसे दूर रखने के लिए कुछ घरेलू उपाय हैं. उदाहरण के लिए, पास में मोर का पंख या तुलसी का पौधा रखें, या लहसुन और प्याज के छिलकों की माला लटकाएं. इनकी गंध छिपकलियों को दूर भगाती है. इसके अलावा, काली मिर्च पाउडर का छिड़काव भी छिपकलियों को दूर रख सकता है
पूर्वजों के क्रोध का संकेत
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि अगर करकेंटा या गिरगिट दिखाई दे तो यह पूर्वजों के क्रोध का संकेत माना जाता है. हालांकि, ज्यादातर छिपकलियां घर में ही छिपी रहती हैं और कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं. लेकिन फिर भी इनका घर पर होना सही नहीं माना जाता है. इसलिए घर का वातावरण साफ-सुथरा रखें और कुछ घरेलू उपाय से इनको घर पर ना रहने दें. कभी कभी ये कपड़ों में चली जाती हैं तो तभी बिस्तर पर घूमती हैं, जो बच्चों के लिए सही नहीं हैं.
इस दिन छिपकली का दिखना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर कोई छिपकली दीवार पर चलती हुई दिखाई दे, तो इसे शुभ समाचार का संकेत माना जाता है. वहीं अगर वह जमीन पर रेंगती हुई दिखाई दे, तो इसे आर्थिक लाभ का संकेत माना जाता है. इसे नौकरीपेशा और कारोबारी लोगों के लिए तरक्की का संकेत भी माना जाता है. विशेषकर दिवाली या शुक्रवार को, अगर किसी पूजा स्थल के पास छिपकली दिखाई दे तो कई लोग इसे देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद मानते हैं.
छिपकली का राहु से संबंध
वास्तु के अनुसार, अगर पूजा कक्ष में छिपकली दिखाई देती है तो यह शुभ संकेत माना जाता है. मान्यता है कि आपके जो कार्य अटके हुए हैं तो वह भगवान की कृपा से जल्द पूरे हो जाएंगे. वहीं अगर काले रंग की छिपकली घर पर दिख जाए तो यह ज्योतिष में कमजोर राहु का प्रभाव माना जाता है. काली छिपकली के घर में होने से आगामी आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या घर में कलह की आशंका बनी रहती है.

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